During monsoon , Mumbai-Pune express-way looks beautiful but becomes dangerous too.This poem is based on a road accident.
Why every one is in hurry?
It’s better “ be late than never”.
Isn’t it?
मुंम्बई- पुणे एक्सप्रेस वे के एक सङक हादसे पर आधारित। वर्षा में यह मार्ग बहुत खुबसूरत लगता है
सर्पिली सङकें, खुबसूरत पहाङी झरने
रिमझिम वर्षा की फुहारें
बल खाती सङकों पर भागती गाङियाँ,
माना, कोई राह तक रहा होगा।
पर , इतनी जल्दी क्यों है सब को?
ना पहुँचने से तो ………
देर भली है।
मौत नहीं, जिंदगी देखने की हसरत है।
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