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Sunday, September 18, 2016
मोक्ष -कविता

नचिकेत और यम का संवाद
Kathy Upanishad was written by achary Kath. It is legendary story of a little boy, Nachiketa who meets Yama (the Indian deity of death). Their conversation evolves to a discussion of the nature of mankind, knowledge, Soul, Self and liberation.
आचार्य कठ ने उपनिषद रचना की। जो कठोपनिषद कहलाया। इस में नचिकेत और यम के बीच संवाद का वर्णन है । यह मृत्यु रहस्य और आत्मज्ञान की चर्चा है।
विश्वजीत यज्ञ किया वाजश्रवा ने ,
सर्वस्व दान के संकल्प के साथ।
पर कृप्णता से दान देने लगे वृद्ध गौ।
पुत्र नचिकेत ने पिता को स्मरण कराया,
प्रिय वस्तु दान का नियम।
क्रोधित पिता ने पुत्र नचिकेत से कहा-
“जा, तुझे करता हूँ, यम को दान।”
नचिकेत स्वंय गया यम के द्वार ।
तीन दिवस भूखे-प्यासे नचिकेत के
प्रतिबद्धता से प्रसन्न यम ने दिया उसे तीन वर ।
पहला वर मांगा -पिता स्नेह, दूसरा -अग्नि विद्या,
तीसरा – मृत्यु रहस्य और आत्मा का महाज्ञान।
और जाना आत्मा -परमात्मा , मोक्ष का गुढ़ रहस्य.
यज्ञ किया पिता ने अौर महाज्ञानी बन गया पुत्र ।
जिंदगी के रंग - कविता 8

जिंदगी ने ना जाने कितने रंग बदले।
रेगिस्तान के रेत की तरह
कितने निशां बने अौर मिटे
हर बदलते रंग को देख ,
दिल में तकलिफ हुई।
काश, जिंदगी इतनी करवटें ना ले।
पर , फिर समझ आया ।
यही तो है जिंदगी।
इंद्रधनुष -कविता Rainbow -poem
There is nothing in this world that is not a gift from you ~ Rumi.
ज़िंदगी के सात रंगों को भूल,
हम जीवन को ढूँढ रहे हैं
काले-सफ़ेद रंगों के धुआँ अौर धुंध में।
भाग रहें हैं, अनजानी राहों पर ,
दुनिया के मायावी मृगतृष्णा के पीछे।
आंगन की खिली धूप, खिलते फूल,
बच्चों की किलकारी,
ऊपरवाले की हर रचना है न्यारी।
अगर कुछ ना कर सको ,
तो थमा दो ऊपर वाले को अपनी ङोर।
खुबसूरत सतरंगी इंद्रधनुषी लगेगी,
ज़िंदगी हर अोर।
Tuesday, September 13, 2016
हाजी अली दरगाह #Hajiali
Haji Ali Dargah (shrine built over the grave of a revered religious figure, often a Sufi saint or dervish) ban is illegal, let women enter Haji Ali sanctum, says Bombay HC. still some voices of protest are there.
हाजी अली दरगाह के भीतरी भाग तक महिलाओं को जाने की इजाज़त मिल गई है.बॉम्बे हाइकोर्ट ने 2012 से महिलाओं के जाने पर लगी पाबंदी को असंवैधानिक बताते हुए हटा लिया है। पर कुछ नापसंदगी के बयान आ रहे हैं।
यह विचार कुछ अनोखा है,
वह सिर्फ जन्म दे सकती है।
मृत्यु के समय शामिल होने के अधिकार,
का निर्णय कोई अौर लेगा।
यह समस्या धर्म का नही
समाज का है।
जो उन्हें चाँद पर तो भेजता हैं
पर…………….
ऊपर वाला भी सोंचता होगा,
मेरी सबसे खुबसूरत, बेहतरीन
रचना का क्या हश्र हो रहा है?
Uttra Pradesh, West Bengal and Maharashtra reported the highest number of crimes against women in 2015, according to data released by the National Crime Records Bureau (NCRB) on Tuesday 31.8.2016.
राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो की नवीनतम जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में भारत में महिलाओं के साथ अपराध के कुल 327394 मामले दर्ज किए गए. महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा अपराध उत्तरप्रदेश में (35527) दर्ज हुए. इसके बाद पश्चिम बंगाल (33218), महाराष्ट्र (31126), राजस्थान (28165), मध्यप्रदेश (24135) का स्थान आया है. बड़े राज्यों में तमिलनाडु में सबसे कम मामले (5847) मामले दर्ज हुए.UP,
अगर कभी भेदभाव करने वालों पुरुषों
को एक बार भी गर्भ भार सहना पडता ,
शिशु जन्म वेदना सहना पडता.
तब तय है,
वे जान जाते ,
उनकी माँ ने कितनी पीडा झेली हैं
उनके लिये.
वे भेदभाव करना भूल,
वामा का, नारी का
सम्मान करना सीख जाते।
I love my blog world -Poetry मेरी खुबसूरत ब्लॉग दुनिया -कविता
I love my blog world. Its a beautiful , positive and colorful world. Above all , there are no man made boundaries and religion, We may share any thing and everything with our blogger friends.

मेरी ब्लॉग की दुनिया
बडी खुबसूरत , सकरात्मक
और रंगो से भरी हैं.
देश – दुनिया , रंग, जात , धर्म
की सीमा से आजाद.
ना बंधन ना विवाद.
सिर्फ मित्रों की टोली
और ज्ञान -विज्ञान
मन की बातें ,
दिल की पीडा.
जो चाहे उडेल दो.
संगी -साथी बाँट लेंगे.
मेरे ब्लॉग की दुनिया बड़ी खूबसूरत हैं
THANKS FOR VISITING!
Desire to live – Poetry. मौत नहीं , जिंदगी की हसरत- कविता

During monsoon , Mumbai-Pune express-way looks beautiful but becomes dangerous too.This poem is based on a road accident.
Why every one is in hurry?
It’s better “ be late than never”.
Isn’t it?
मुंम्बई- पुणे एक्सप्रेस वे के एक सङक हादसे पर आधारित। वर्षा में यह मार्ग बहुत खुबसूरत लगता है
सर्पिली सङकें, खुबसूरत पहाङी झरने
रिमझिम वर्षा की फुहारें
बल खाती सङकों पर भागती गाङियाँ,
माना, कोई राह तक रहा होगा।
पर , इतनी जल्दी क्यों है सब को?
ना पहुँचने से तो ………
देर भली है।
मौत नहीं, जिंदगी देखने की हसरत है।

चोट (कविता)
जीवन के इस
दौङ
में ना जाने कितनी बार
चोटें लगीं।
आँखों में कुछ कतरे
आँसू भी छलक आए।
पर अब जाना।
वे तो हौसला-अफजाई कर गये।
मजबूत बना गये।
हिम्मत बढ़ा गये।
चेहरे पर चेहरा #मास्क#mask -कविता
नकाब , हिजाब , परदे, ओट ,घूंघट , मुखौटे या मास्क.
कभी छुपाती खूबसूरती , कभी बदसूरती
कभी छुपाती खुशी, कभी ग़म हैं.
कही फरेब.छुपा होता हैं.
कहीँ आँसू.
कही दुल्हन का घूंघट , कही धोखे की आहट
कही धूप -छाँव से ओट.
छउ नाच या
सुंदरबन के बाघों को धोखा देते मुखौटे.
हर जगह चेहरे पर चेहरा !!!!!!!!
किस नकाब के पीछे.
ना जाने क्या रहस्य छुपा हैं ,
बंद लिफाफे के आकर्षण सा .
रहस्यमय मास्क
खींचती हैं हर नज़र अपनी ओर …..


रोशनी -कविता

रोशनी पड़ने से जगमगा उठा,
रास्ते में पड़ा कंकड़….
मैंने झुक कर उठा लिया उसे.
तभी ऊपर वाले की
आवाज़ आई.-
जिस रोशनी से यह बेजान पत्थर चमक उठा.
वह तुम पर भी तो पड़ रहीं हैं.
क्यों नहीँ अपने को चमकाते और
ऊपर उठाते हो ?

रौशन जहाँ -कविता
माँ के गर्भ में अजन्मा शिशु अपने
को सुरक्षित समझ ,बाहर आने पर
रोता हैं.
इस दुनिया को अपना घर मान
इंसान भी , इसे छोड़ने के
डर से रोता हैं.
क्यों यह नहीँ सोचता ?
आगे रौशन और भी “जहाँ ” हैं.

मोक्ष -कविता
नचिकेता और यम का संवाद
Kathy Upanishad was written by achary Kath. It is legendary story of a little boy, Nachiketa who meets Yama (the Indian deity of death). Their conversation evolves to a discussion of the nature of man, knowledge, Soul, Self and liberation.
आचार्य कठ ने उपनिषद रचना की। जो कठोपनिषद कहलाया। इस में नचिकेत और यम के बीच संवाद का वर्णन है । यह मृत्यु रहस्य और आत्मज्ञान की चर्चा है।
विश्वजीत यज्ञ किया वाजश्रवा ने ,
सर्वस्व दान के संकल्प के साथ।
पर कृप्णता से दान देने लगे वृद्ध गौ।
पुत्र नचिकेत ने पिता को स्मरण कराया,
प्रिय वस्तु दान का नियम।
क्रोधित पिता ने पुत्र नचिकेत से कहा-
“जा, तुझे करता हूँ, यम को दान।”
नचिकेत स्वंय गया यम के द्वार ।
तीन दिवस भूखे-प्यासे नचिकेत के
प्रतिबद्धता से प्रसन्न यम ने दिया उसे तीन वर ।
पहला वर मांगा -पिता स्नेह, दूसरा -अग्नि विद्या,
तीसरा – मृत्यु रहस्य और आत्मा का महाज्ञान।
और जाना आत्मा -परमात्मा , मोक्ष का गुढ़ रहस्य.
यज्ञ किया पिता ने अौर महाज्ञानी बन गया पुत्र ।
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