Showing posts with label कविता. Show all posts
Showing posts with label कविता. Show all posts

Sunday, September 18, 2016

मैं एक लड़की ( कविता 1 )



इस दुनिया मॆं मैने
आँखें खोली.
यह दुनिया तो
बड़ी हसीन
और रंगीन है.

मेरे लबों पर
मुस्कान छा गई.
तभी मेरी माँ ने मुझे
पहली बार देखा.
वितृष्णा से मुँह मोड़ लिया

और बोली -लड़की ?
तभी एक और आवाज़ आई
लड़की ? वो भी सांवली ?

Tuesday, September 13, 2016

POSTED( कविता) POEM कवितामोल #ourplayers-rioolympic #shobhade

rio

लोगों पर उँगलियाँ उठना आसान हैं ,
विश्व स्तर के खिलाड़ियों  को कुछ  कहने से पहले ,
स्वयं उस स्तर पर पहुँचे .
खेल हो , मॉडेलिंग हो या लेखन
पहले  विश्व स्तर का  काम तो करो.
क्योंकि , ऐसी बातें  बराबर के स्तर पर
अच्छी लगती हैं.
टैगोर जैसा नोबेल लेखक बन ,
अगर राय दिया , तब तो
उसका मोल हैं.
वरना नाम कम और प्रचार ज्यादा होगा.
ऐसी बात बोलो,
जो शोभा दे।
POSTED INकविता अनुत्तरित प्रश्न …(ये है जिन्दगी ?)
q

वियतनामी महिला ने १ करोङ ५७ हजार रुपये की बीमा के लिये हाथ-पैर कटवाए (समाचार 26 Aug 2016)

वियतनामी महिला ने १ करोङ ५७ हजार रुपये की बीमा के लिये हाथ-पैर कटवाए। आज के इस समाचार ने दिल दहला दिया। मन में हलचल पैदा हो गई। उसकी ऐसी क्या मजबूरी रही होगी? सिर्फ पैसों के लालच में ऐसा किया या कुछ अौर परेशानी थी ? ये है जिन्दगी ?

हजारों अनुत्तरित प्रश्न ………….

Wednesday, August 24, 2016

वह कौन है? ( कविता )

 wom1

वह कौन थी?

जिन्दगी में उलझी-उलझी 

सब कुछ सुलझाने की कोशिश में,

बहुत कुछ झेलती हुई

जिन्दगी के सैकङो रंगों से खेलती हुई

           खङी

कुछ परेशान, कुछ हताश,

फिर भी हँसती सी।

वह कौन है?

??????

                            नारी


images from internet.